महादशा और अंतर्दशा कैलकुलेटर

देखें कि आज आपके जीवन में किस ग्रह की विंशोत्तरी दशा चल रही है — साइनअप की आवश्यकता नहीं

बताइए आपका जन्म कब और कहाँ हुआ

विंशोत्तरी दशा कैसे काम करती है

जब भारत में कोई ज्योतिषी कहता है कि किसी पर 'शनि की महादशा' या 'राहु की दशा' चल रही है, तो वे विंशोत्तरी पद्धति का उपयोग कर रहे होते हैं। 'विंशोत्तरी' का अर्थ है एक सौ बीस: यह पद्धति 120 वर्षों को नौ ग्रहों में एक तय क्रम से बांटती है और हर ग्रह को निश्चित हिस्सा देती है — केतु 7, शुक्र 20, सूर्य 6, चंद्र 10, मंगल 7, राहु 18, गुरु 16, शनि 19 और बुध 17 वर्ष।

आपकी प्रारंभिक महादशा, और जन्म के समय उसका शेष भाग, आपकी कुंडली में चंद्रमा के सटीक अंश से निकलता है। इसके बाद हर महादशा नौ अंतर्दशाओं में बंटती है, प्रत्येक ग्रह की एक, इसलिए गुरु महादशा में चल रहे दो चचेरे भाई-बहन एक ही समय में बिल्कुल अलग अंतर्दशा से गुजर रहे हो सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेरा दशा क्रम उसी विशेष ग्रह से क्यों शुरू होता है?
यह आपके जन्म नक्षत्र पर निर्भर करता है। 27 नक्षत्र नौ दशा स्वामियों को एक ऐसे चक्र में सौंपे गए हैं जो तीन बार दोहराता है — उदाहरण के लिए अश्विनी, मघा और मूल तीनों केतु के हैं — और आपके जन्म नक्षत्र का स्वामी ही आपकी दशा समयरेखा आरंभ करता है।
क्या मैं अंतर्दशा से आगे का विवरण देख सकता हूँ?
हाँ। समयरेखा में किसी महादशा को खोलें तो उसकी नौ अंतर्दशाएं दिखेंगी, और किसी अंतर्दशा को खोलें तो उसकी प्रत्यंतर्दशाएं आरंभ और समाप्ति तिथियों सहित सूचीबद्ध होंगी। यदि आप जानना चाहते हैं कि ये अवधियां आपके करियर, स्वास्थ्य या विवाह के लिए क्या संकेत देती हैं, तो एआई व्याख्या के लिए अपनी निःशुल्क जन्म कुंडली बनाएं।

यह दशा क्या लेकर आएगी?

तिथियां केवल शुरुआत हैं। आपकी निःशुल्क जन्म कुंडली चल रही महादशा और अंतर्दशा को पूरी कुंडली के संदर्भ में पढ़ती है — करियर, धन, विवाह — एआई के साथ।

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