आज का पंचांग

विक्रम संवत् 2083 · October 27, 2026, Tuesday

  • सूर्योदय06:29 AM
  • सूर्यास्त05:40 PM

आज के पंचांग तत्व

तिथिचंद्र दिन
प्रतिपदा (Pratipada)पक्ष: कृष्ण पक्ष (Krishna)
चंद्रमा की कला/दिन—अमावस्या से पूर्णिमा तक का चरण। अधिकांश त्योहार और व्रत तिथि से तय होते हैं। शुक्ल पक्ष बढ़ते उजाले की और कृष्ण पक्ष घटते उजाले की अवधि है।
नक्षत्रतारा
भरणी (Bharani)2 / 27
सूर्योदय के समय चंद्रमा किस तारा-समूह में है। कुल २७ नक्षत्र होते हैं। नामकरण, कुंडली मिलान और शुभ दिन चुनने में इसका उपयोग होता है।
योगगुण
सिद्धि (Siddhi)16 / 27
सूर्य और चंद्रमा का संयुक्त प्रभाव—२७ योगों में से एक। कुछ योग शुभ माने जाते हैं, कुछ बड़े निर्णयों में सावधानी का संकेत देते हैं।
करणआधा तिथि
कौलव (Kaulava)32 / 60
तिथि का आधा भाग—दिन के भीतर छोटा समय चुनने का सूक्ष्म संकेतक।
वारसप्ताह का दिन
मंगलवार (Tuesday)मंगल
सप्ताह का दिन; हर दिन किसी विशेष ग्रह का होता है। यह दिन की सामान्य ऊर्जा और उपाय चुनने में मदद करता है।

आज के शुभ–अशुभ समय

आज के समय एक रेखा पर
शुभ अशुभ अभी
  1. ब्रह्म मुहूर्तशुभ04:53 AM – 05:41 AM
  2. यमगण्डअशुभ09:17 AM – 10:41 AM
  3. अभिजित मुहूर्तशुभ11:42 AM – 12:27 PM
  4. गुलिक कालअशुभ12:04 PM – 01:28 PM
  5. राहु कालअशुभ02:52 PM – 04:16 PM

चौघड़िया

दिन

  1. रोगअशुभ06:29 AM–07:53 AM
  2. उद्वेगअशुभ07:53 AM–09:17 AM
  3. चरसामान्य09:17 AM–10:41 AM
  4. लाभशुभ10:41 AM–12:04 PM
  5. अमृतशुभ12:04 PM–01:28 PM
  6. कालअशुभ01:28 PM–02:52 PM
  7. शुभशुभ02:52 PM–04:16 PM
  8. रोगअशुभ04:16 PM–05:40 PM

रात

  1. कालअशुभ05:40 PM–07:16 PM
  2. शुभशुभ07:16 PM–08:52 PM
  3. रोगअशुभ08:52 PM–10:29 PM
  4. उद्वेगअशुभ10:29 PM–12:05 AM
  5. चरसामान्य12:05 AM–01:41 AM
  6. लाभशुभ01:41 AM–03:17 AM
  7. अमृतशुभ03:17 AM–04:53 AM
  8. कालअशुभ04:53 AM–06:29 AM

होरा

दिन

  1. मङ्गलअशुभ ग्रह06:29 AM–07:25 AM
  2. सूर्यअशुभ ग्रह07:25 AM–08:21 AM
  3. शुक्रशुभ ग्रह08:21 AM–09:17 AM
  4. बुधशुभ ग्रह09:17 AM–10:13 AM
  5. चन्द्रशुभ ग्रह10:13 AM–11:08 AM
  6. शनिअशुभ ग्रह11:08 AM–12:04 PM
  7. बृहस्पतिशुभ ग्रह12:04 PM–01:00 PM
  8. मङ्गलअशुभ ग्रह01:00 PM–01:56 PM
  9. सूर्यअशुभ ग्रह01:56 PM–02:52 PM
  10. शुक्रशुभ ग्रह02:52 PM–03:48 PM
  11. बुधशुभ ग्रह03:48 PM–04:44 PM
  12. चन्द्रशुभ ग्रह04:44 PM–05:40 PM

रात

  1. शनिअशुभ ग्रह05:40 PM–06:44 PM
  2. बृहस्पतिशुभ ग्रह06:44 PM–07:48 PM
  3. मङ्गलअशुभ ग्रह07:48 PM–08:52 PM
  4. सूर्यअशुभ ग्रह08:52 PM–09:57 PM
  5. शुक्रशुभ ग्रह09:57 PM–11:01 PM
  6. बुधशुभ ग्रह11:01 PM–12:05 AM
  7. चन्द्रशुभ ग्रह12:05 AM–01:09 AM
  8. शनिअशुभ ग्रह01:09 AM–02:13 AM
  9. बृहस्पतिशुभ ग्रह02:13 AM–03:17 AM
  10. मङ्गलअशुभ ग्रह03:17 AM–04:21 AM
  11. सूर्यअशुभ ग्रह04:21 AM–05:25 AM
  12. शुक्रशुभ ग्रह05:25 AM–06:29 AM

राहु काल, यमगंड, गुलिक और रोग/काल/उद्वेग चौघड़िया में महत्वपूर्ण काम शुरू न करें। अभिजित और अमृत/शुभ/लाभ शुभ माने जाते हैं।

आज सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:29 AM
चुने गए शहर में सूर्य उदय होने का समय। वैदिक पंचांग की गणना मध्यरात्रि से नहीं, स्थानीय सूर्योदय से होती है।
सूर्यास्त
05:40 PM
सूर्य अस्त होने का समय। संध्या पूजा और दिन–रात की सीमा जानने के लिए उपयोगी।
सूर्य राशि
तुला (Libra (Tula))
सूर्य किस राशि में है (सायडेरियल)। यह लगभग एक महीने की सौर ऊर्जा दर्शाता है।
चंद्र राशि
मेष (Aries (Mesha))
सूर्योदय के समय चंद्रमा किस राशि में है—यह जल्दी बदलती है; मन और दैनिक भावनाओं पर गहरा प्रभाव डालती है।

पंचांग क्यों महत्वपूर्ण है

पंचांग का अर्थ है ‘समय के पांच अंग’। हिंदू परंपरा में यह दैनिक पंचांग है—दिन कैसा है, कौन सा समय शुभ है, कौन सा त्योहार कब पड़ता है, यह समझने के लिए इसका उपयोग होता है। विवाह, यात्रा, व्यापार आरंभ और धार्मिक कार्यों में आज भी पंचांग देखने की परंपरा है। यह सूर्य, चंद्रमा और स्थानीय सूर्योदय को जोड़कर आपके स्थान के अनुसार दिन को परिभाषित करता है।

पांच अंग (पंच + अंग)

  • तिथिचंद्र दिन / चंद्र कला
  • नक्षत्रचंद्रमा का नक्षत्र
  • योगसूर्य–चंद्र संयोग
  • करणतिथि का आधा (सूक्ष्म समय)
  • वारग्रह का वार

पंचांग को समझें

पंचांग क्या है?

पंचांग का अर्थ है 'समय के पांच अंग'। यह एक पारंपरिक हिंदू और वैदिक कालगणना प्रणाली है जो दैनिक खगोलीय और ज्योतिषीय स्थिति का वर्णन करती है। पंचांग के पांच तत्व—तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार—मिलकर किसी भी दिन के गुण और चरित्र को परिभाषित करते हैं।

इसका उपयोग कैसे होता है?

पंचांग आज भी हिंदू संस्कृति में विवाह, व्यापार आरंभ, यात्रा और धार्मिक कार्यों के लिए व्यापक रूप से उपयोग होता है। पंचांग देखकर लोग शुभ और अशुभ समय की पहचान करते हैं। प्रत्येक दिन के इन पांच तत्वों का अनूठा संयोजन विभिन्न गतिविधियों को प्रभावित करने वाला ऊर्जा पैटर्न बनाता है।

मुख्य प्रयोग

  • विवाह और सगाई की योजना बनाने के लिए
  • नया व्यवसाय या उद्यम शुरू करने के लिए
  • यात्रा के लिए शुभ समय चुनने के लिए
  • धार्मिक अनुष्ठान और त्योहार मनाने के लिए
  • चिकित्सा और शल्य क्रिया का समय तय करने के लिए
  • बच्चे का नामकरण और जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों के लिए

आपके स्थान से जुड़ा हुआ

पंचांग आपके स्थान पर सूर्योदय के समय के अनुसार गणना किया जाता है। मानक 24-घंटे की घड़ी हर जगह आधी रात को रीसेट होती है, जबकि वैदिक दिन सूर्योदय से शुरू होता है। इसका अर्थ है कि नई दिल्ली का पंचांग उस विशेष स्थान की स्थानीय खगोलीय स्थिति को दर्शाता है। यह पेज नई दिल्ली से शुरू होता है; ऊपर अपना शहर चुनकर उसके सूर्योदय के अनुसार पंचांग देखें।