अपनी कुंडली बनाएं
अपनी जन्म तिथि, समय (IST या स्थानीय) और जन्म का शहर लिखें। हम लाहिड़ी अयनांश से आपकी जन्म कुंडली बनाते हैं और आपका लग्न, नौ ग्रह और चल रही विंशोत्तरी दशा दिखाते हैं।
अपना जन्म विवरण दर्ज करें
Make your janam kundli
अपनी जन्म कुंडली बनाएं
व्यक्तिगत वैदिक ज्योतिष विश्लेषण
दृक् गणित विश्लेषण
दृश्य आकाश से मेल खाती ग्रह स्थितियाँ, उसी लाहिड़ी अयनांश से जिसे भारत के राष्ट्रीय पंचांग सुधार ने अपनाया
चाय ठंडी होने से पहले परिणाम
सबमिट दबाते ही लग्न कुंडली, ग्रह तालिका और दशा की तिथियाँ एक साथ खुल जाती हैं
भारतीय ज्योतिष की प्रामाणिकता
उत्तर या दक्षिण भारतीय कुंडली शैली, ग्रहों और राशियों के हिंदी नाम, और वही परिपाटी जो आपके पारिवारिक पंडित जी अपनाते हैं
जन्म कुंडली क्या है?
ज़्यादातर भारतीय घरों में बच्चे के जन्म के कुछ ही दिनों बाद, अक्सर परिवार के पंडित जी द्वारा, कुंडली बनवाई जाती है और फिर नामकरण, पढ़ाई के फ़ैसलों, शादी और गृह प्रवेश के समय दोबारा देखी जाती है। यह दर्ज करती है कि आपके जन्म के मिनट पर, आपके जन्म स्थान से देखने पर, पूर्व में कौन सी राशि उदित थी और हर ग्रह कहाँ था।
कुंडली बारह भावों में बँटी होती है। पहला भाव आपके शरीर और स्वभाव की बात करता है, दूसरा पारिवारिक धन और वाणी की, सातवाँ जीवनसाथी की, दसवाँ काम और प्रतिष्ठा की, और इसी तरह पूरे चक्र में। कुंडली पढ़ने का मतलब ज़्यादातर यही देखना है कि कौन सा ग्रह किस भाव में बैठा है और उसका स्वामी किन भावों को जोड़ता है।
लग्न लगभग हर दो घंटे में नई राशि में चला जाता है, इसलिए दस-पंद्रह मिनट की गलती भी आपका लग्न बदल सकती है। हो सके तो समय परिवार की याद से नहीं, जन्म प्रमाणपत्र या अस्पताल के रिकॉर्ड से लें।
आपको क्या मिलता है
- लग्न कुंडली
- हीरे के आकार वाली उत्तर भारतीय शैली में बनी आपकी D1 कुंडली, जिसमें लग्न सबसे ऊपर है और हर ग्रह अपने भाव में अंकित है।
- ग्रह तालिका
- सूर्य से केतु तक हर ग्रह की राशि, भाव, नक्षत्र और सटीक अंश, वक्री ग्रहों के संकेत के साथ।
- विंशोत्तरी दशा
- आपकी महादशा और अंतर्दशा की तिथियाँ साल-दर-साल, ताकि आप देख सकें कि आज कौन सा ग्रह प्रभावी है और आगे किसकी बारी है।
- एआई ज्योतिषी से पूछें
- नौकरी, शादी या परीक्षा से जुड़े सवालों के जवाब आपकी अपनी कुंडली के आधार पर, किसी सामान्य राशि-फल से नहीं।
