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विवाह मुहूर्त 2026-27: महीनेवार शादी की शुभ तिथियां

7 मिनट का पठन

शादी का मौसम 20 नवंबर 2026 को देवउठनी एकादशी के बाद फिर शुरू होता है और दो विरामों के साथ 14 जुलाई 2027 को चातुर्मास शुरू होने तक चलता है। नीचे महीनेवार शुभ विवाह तिथियां, वे अवधियां जब विवाह नहीं होते, और तारीख तय करने से पहले क्या देखना चाहिए, सब दिया गया है।

मौसम देवउठनी एकादशी से ही क्यों शुरू होता है

चातुर्मास के चार महीनों, यानी आषाढ़ की देवशयनी एकादशी से कार्तिक की देवउठनी एकादशी तक, भगवान विष्णु योगनिद्रा में माने जाते हैं, और परिवार विवाह, गृह प्रवेश जैसे संस्कार टाल देते हैं। शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 को देवउठनी एकादशी पर भगवान के 'जागने' के साथ मांगलिक कार्यों का मौसम फिर खुलता है, और अक्सर इसकी शुरुआत तुलसी विवाह से होती है, जो तुलसी और शालिग्राम का प्रतीकात्मक विवाह है।

इस दिन के बारे में और जानकारी हमारे देवउठनी एकादशी 2026 लेख में पढ़ें।

शुभ विवाह तिथियां, नवंबर 2026 से जुलाई 2027

हमने दो स्वतंत्र पंचांगों की नई दिल्ली की विवाह मुहूर्त सूचियों की तुलना की है और केवल वही तिथियां दी हैं जिन पर दोनों सहमत हैं। जहां किसी एक पंचांग में अतिरिक्त तिथियां हैं, वह महीने के नीचे लिखा है। हर दिन के भीतर मुहूर्त का समय शहर के अनुसार बदलता है और कभी-कभी छोटा होता है, इसलिए सटीक समय अपने पंडित जी से पक्का करें।

नवंबर 2026

  • 21 शनि
  • 25 बुध
  • 26 गुरु

कुछ पंचांग 24 या 30 नवंबर को भी शुभ मानते हैं।

दिसंबर 2026

  • 2 बुध
  • 3 गुरु
  • 4 शुक्र
  • 5 शनि
  • 6 रवि
  • 12 शनि

कुछ पंचांग 9 या 11 दिसंबर भी देते हैं। 16 दिसंबर से खरमास शुरू होता है।

जनवरी 2027

  • 15 शुक्र
  • 19 मंगल
  • 20 बुध
  • 24 रवि
  • 26 मंगल
  • 27 बुध
  • 31 रवि

मकर संक्रांति (15 जनवरी) के साथ विवाह फिर शुरू होते हैं। कुछ पंचांग 18, 29 या 30 जनवरी भी देते हैं।

फरवरी 2027

  • 2 मंगल
  • 3 बुध
  • 10 बुध
  • 11 गुरु
  • 15 सोम
  • 21 रवि
  • 22 सोम
  • 25 गुरु
  • 26 शुक्र
  • 27 शनि
  • 28 रवि

मार्च 2027

  • 1 सोम
  • 2 मंगल
  • 4 गुरु
  • 9 मंगल
  • 10 बुध
  • 14 रवि

मध्य मार्च से मध्य अप्रैल तक सूर्य मीन राशि में रहता है (मीन खरमास), इसलिए कोई तिथि नहीं।

अप्रैल 2027

  • 18 रवि
  • 19 सोम
  • 21 बुध
  • 23 शुक्र
  • 24 शनि
  • 25 रवि
  • 26 सोम
  • 28 बुध

मई 2027

  • 4 मंगल
  • 9 रवि
  • 13 गुरु
  • 17 सोम
  • 19 बुध
  • 20 गुरु
  • 21 शुक्र
  • 22 शनि
  • 24 सोम
  • 25 मंगल
  • 30 रवि
  • 31 सोम

इस महीने सूचियों में सबसे अधिक अंतर है; कई पंचांग मई के मध्य में और तिथियां भी देते हैं।

जून 2027

  • 1 मंगल
  • 5 शनि
  • 9 बुध
  • 10 गुरु
  • 11 शुक्र
  • 12 शनि
  • 13 रवि
  • 16 बुध
  • 17 गुरु
  • 19 शनि
  • 21 सोम
  • 26 शनि
  • 27 रवि
  • 28 सोम

जुलाई 2027

  • 1 गुरु
  • 7 बुध
  • 9 शुक्र
  • 12 सोम

14 जुलाई 2027 को देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास शुरू होता है।

जब विवाह की तिथियां नहीं होतीं

  • खरमास (धनु): 16 दिसंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 की मकर संक्रांति तक, जब सूर्य धनु राशि में रहता है। इससे पहले की आखिरी सहमत तिथि 12 दिसंबर है।
  • मीन खरमास: लगभग मध्य मार्च से मध्य अप्रैल 2027 तक, जब सूर्य मीन राशि में रहता है। 14 मार्च के बाद अगली सहमत तिथि 18 अप्रैल है।
  • चातुर्मास: बुधवार, 14 जुलाई 2027 को देवशयनी एकादशी से नवंबर 2027 की देवउठनी एकादशी तक विवाह फिर रुक जाते हैं।

क्षेत्रीय पंचांग, खासकर बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के, अपने नियमों का पालन करते हैं और इन अवधियों में भी तिथियां दे सकते हैं या यहां दी गई तिथियां छोड़ सकते हैं। यदि आपका परिवार क्षेत्रीय पंचांग मानता है, तो इस सूची को केवल शुरुआती संदर्भ समझें।

तारीख चुनने से पहले: कुंडली मिलान करें

मुहूर्त बताता है कि कोई दिन सामान्य रूप से शुभ है, लेकिन यह नहीं बताता कि वर और वधू की कुंडलियां आपस में मेल खाती हैं या नहीं। अधिकांश हिंदू परिवारों में पहले कुंडली मिलान होता है: 36 गुणों वाला गुण मिलान (अष्टकूट), फिर मांगलिक दोष और नाड़ी दोष की जांच। रिश्ता तय होने के बाद ही पंडित जी इस मौसम की तिथियों में से वह दिन चुनते हैं जो वर-वधू दोनों की कुंडली के अनुकूल हो।

किसी भी दो जन्म विवरणों का गुण मिलान एक मिनट से कम में जानने के लिए हमारा निःशुल्क कुंडली मिलान टूल उपयोग करें। इसमें आठों कूट, 36 में से कुल अंक, और मांगलिक व नाड़ी दोष की जानकारी मिलती है।

उस दिन का समय कैसे चुनें

  • फेरे आमतौर पर मुहूर्त के भीतर एक लग्न के समय पर रखे जाते हैं, जिसकी गणना पंडित जी विवाह स्थल के शहर के अनुसार करते हैं।
  • कई परिवार राहु काल में मुख्य रस्में नहीं करते और दिन का चौघड़िया तिलक या हल्दी जैसी छोटी रस्मों के लिए देखते हैं।
  • किसी भी तारीख की तिथि और नक्षत्र दैनिक पंचांग में देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में हिंदू विवाह फिर कब से शुरू होंगे?

20 नवंबर 2026 को देवउठनी एकादशी पर चातुर्मास समाप्त होता है और उसके बाद विवाह फिर शुरू होते हैं। जिन दो प्रमुख पंचांगों को हमने देखा, दोनों के अनुसार पहली तिथि शनिवार, 21 नवंबर 2026 है।

मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी तक विवाह की तिथियां क्यों नहीं हैं?

यह खरमास है, जब सूर्य धनु राशि में रहता है। यह 16 दिसंबर 2026 को धनु संक्रांति से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति पर समाप्त होता है। उत्तर भारत के अधिकांश परिवार इस दौरान विवाह और अन्य मांगलिक कार्य नहीं करते।

अलग-अलग पंचांगों में विवाह की तिथियां अलग क्यों होती हैं?

हर पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग और लग्न को थोड़ा अलग तरीके से देखता है, और क्षेत्रीय परंपराएं अपने नियम जोड़ती हैं। इसीलिए हमने केवल वही तिथियां दी हैं जिन पर दो स्वतंत्र पंचांग सहमत हैं। आपके कुल पुरोहित इनमें कोई तिथि जोड़ या हटा सकते हैं।

क्या केवल शुभ मुहूर्त काफी है, या कुंडली मिलान भी करना चाहिए?

मुहूर्त दिन के बारे में है, जबकि कुंडली मिलान जोड़े के बारे में। परंपरागत रूप से परिवार पहले गुण मिलान (36 अंकों का अष्टकूट) और मांगलिक या नाड़ी जैसे दोष देखते हैं, फिर ऐसा मुहूर्त चुनते हैं जो दोनों कुंडलियों के अनुकूल हो।

अस्वीकरण: तिथियां नई दिल्ली के प्रकाशित पंचांगों से संकलित हैं और सामान्य जानकारी के लिए हैं। मुहूर्त का चयन वर-वधू की कुंडली, विवाह स्थल के शहर और पारिवारिक परंपरा पर निर्भर करता है, इसलिए योजना अंतिम करने से पहले योग्य पंडित से पुष्टि अवश्य करें।

विवाह मुहूर्त 2026-27: महीनेवार शादी की शुभ तिथियां