आज का शुक्र गोचर

शुक्र अभी निरयण राशिचक्र में कहाँ है, कब राशि बदलेगा, और हर चंद्र राशि के लिए इस गोचर का क्या अर्थ है।

शुक्र तुला (Libra) में, 4.4°℞ वक्री☉ अस्त

2 सित॰ 2026 से इस राशि में। 5 नव॰ 2026 तक रहेगा।

2026-10-27 (UTC) की निरयण (लाहिड़ी) स्थिति। हर कुछ मिनट में अपडेट होती है।

हर चंद्र राशि के लिए शुक्र गोचर

गोचर आपकी चंद्र राशि से देखा जाता है। अपनी चंद्र राशि को पहला भाव मानकर शुक्र की वर्तमान राशि तक गिनें। शास्त्रों में चंद्र से 1, 2, 3, 4, 5, 8, 9, 11, 12 भाव में शुक्र का गोचर शुभ माना गया है। आपकी पूरी कुंडली और चल रही दशा ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इसे सामान्य मार्गदर्शन मानें।

आपकी चंद्र राशिचंद्र से भावफल
मेष (Aries)7सावधानी
वृष (Taurus)6सावधानी
मिथुन (Gemini)5शुभ
कर्कट (Cancer)4शुभ
सिंह (Leo)3शुभ
कन्या (Virgo)2शुभ
तुला (Libra)1शुभ
वृश्चिक (Scorpio)12शुभ
धनु (Sagittarius)11शुभ
मकर (Capricorn)10सावधानी
कुम्भ (Aquarius)9शुभ
मीन (Pisces)8शुभ

शुक्र की आगामी तारीखें

  • ℞ तुला (Libra) में वक्री3 अक्टू॰ 2026 – 14 नव॰ 2026
  • ℞ वृष (Taurus) में वक्री10 मई 2028 – 22 जून 2028
  • ☉ तुला (Libra) में अस्त19 अक्टू॰ 2026 – 29 अक्टू॰ 2026
  • ☉ मिथुन (Gemini) में अस्त6 जुल॰ 2027 – 17 सित॰ 2027

शुक्र गोचर का अर्थ

शुक्र प्रेम, विवाह और जीवनसाथी, सुख-सुविधा, वाहन, सौंदर्य और कला का कारक है। इसका गोचर रिश्तों, खर्च और आनंद में दिखता है।

शुक्र आमतौर पर एक राशि में लगभग एक महीना रहता है। लगभग हर 18 महीने में यह करीब छह सप्ताह के लिए वक्री होता है, और तब एक राशि में काफ़ी लंबे समय तक रह सकता है।

शुक्र के अस्त रहने पर परंपरा से विवाह नहीं किए जाते। इस पेज पर दिए गए अस्त काल बताते हैं कि यह कब लागू होता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुक्र अस्त होने पर विवाह क्यों टाले जाते हैं?
शुक्र विवाह का कारक है। सूर्य के बहुत निकट होने पर इसे कमज़ोर माना जाता है, इसलिए मुहूर्त परंपरा में इसके फिर से उदित होने तक विवाह तय नहीं किए जाते।
इन स्थितियों के लिए कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
सभी स्थितियाँ लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश वाले निरयण राशिचक्र से, स्विस एफेमेरिस द्वारा गणना की जाती हैं, वही मानक जो आपकी जन्म कुंडली में उपयोग होता है।

अन्य ग्रहों का गोचर

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