आज का राहु गोचर

राहु अभी निरयण राशिचक्र में कहाँ है, कब राशि बदलेगा, और हर चंद्र राशि के लिए इस गोचर का क्या अर्थ है।

राहु कुम्भ (Aquarius) में, 2.1°

18 मई 2025 से इस राशि में। 6 दिस॰ 2026 को मकर (Capricorn) में जाएगा।

2026-10-27 (UTC) की निरयण (लाहिड़ी) स्थिति। हर कुछ मिनट में अपडेट होती है।

हर चंद्र राशि के लिए राहु गोचर

गोचर आपकी चंद्र राशि से देखा जाता है। अपनी चंद्र राशि को पहला भाव मानकर राहु की वर्तमान राशि तक गिनें। शास्त्रों में चंद्र से 3, 6, 11 भाव में राहु का गोचर शुभ माना गया है। आपकी पूरी कुंडली और चल रही दशा ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इसे सामान्य मार्गदर्शन मानें।

आपकी चंद्र राशिचंद्र से भावफल
मेष (Aries)11शुभ
वृष (Taurus)10सावधानी
मिथुन (Gemini)9सावधानी
कर्कट (Cancer)8सावधानी
सिंह (Leo)7सावधानी
कन्या (Virgo)6शुभ
तुला (Libra)5सावधानी
वृश्चिक (Scorpio)4सावधानी
धनु (Sagittarius)3शुभ
मकर (Capricorn)2सावधानी
कुम्भ (Aquarius)1सावधानी
मीन (Pisces)12सावधानी

राहु की आगामी तारीखें

  • कुम्भ (Aquarius) से मकर (Capricorn) में प्रवेश (केतु: सिंह (Leo) → कर्कट (Cancer))6 दिस॰ 2026
  • मकर (Capricorn) से धनु (Sagittarius) में प्रवेश (केतु: कर्कट (Cancer) → मिथुन (Gemini))24 जून 2028

राहु गोचर का अर्थ

राहु, चंद्रमा का उत्तरी पात, महत्वाकांक्षा, इच्छा, विदेश, तकनीक और अचानक बदलाव का कारक है। इसका गोचर तेज़ उन्नति के साथ भ्रम भी ला सकता है।

राहु हर राशि में लगभग 18 महीने रहता है और राशिचक्र में उल्टी दिशा में चलता है। राहु और केतु हमेशा एक-दूसरे के ठीक सामने रहते हैं और एक ही दिन राशि बदलते हैं।

राहु एक छाया ग्रह है, कोई भौतिक पिंड नहीं। इसकी स्थिति वह बिंदु है जहाँ चंद्रमा का मार्ग सूर्य के मार्ग को काटता है, और ग्रहण भी यहीं होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहु अगली बार राशि कब बदलेगा?
राहु-केतु का अगला राशि परिवर्तन इस पेज पर दिया गया है, साथ में उसी दिन केतु किन राशियों के बीच जाएगा यह भी।
इन स्थितियों के लिए कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
सभी स्थितियाँ लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश वाले निरयण राशिचक्र से, स्विस एफेमेरिस द्वारा गणना की जाती हैं, वही मानक जो आपकी जन्म कुंडली में उपयोग होता है।

अन्य ग्रहों का गोचर

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