आज का गुरु (बृहस्पति) गोचर

गुरु (बृहस्पति) अभी निरयण राशिचक्र में कहाँ है, कब राशि बदलेगा, और हर चंद्र राशि के लिए इस गोचर का क्या अर्थ है।

गुरु (बृहस्पति) कर्कट (Cancer) में, 29.5°

1 जून 2026 से इस राशि में। 31 अक्टू॰ 2026 को सिंह (Leo) में जाएगा।

2026-10-27 (UTC) की निरयण (लाहिड़ी) स्थिति। हर कुछ मिनट में अपडेट होती है।

हर चंद्र राशि के लिए गुरु (बृहस्पति) गोचर

गोचर आपकी चंद्र राशि से देखा जाता है। अपनी चंद्र राशि को पहला भाव मानकर गुरु (बृहस्पति) की वर्तमान राशि तक गिनें। शास्त्रों में चंद्र से 2, 5, 7, 9, 11 भाव में गुरु (बृहस्पति) का गोचर शुभ माना गया है। आपकी पूरी कुंडली और चल रही दशा ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इसे सामान्य मार्गदर्शन मानें।

आपकी चंद्र राशिचंद्र से भावफल
मेष (Aries)4सावधानी
वृष (Taurus)3सावधानी
मिथुन (Gemini)2शुभ
कर्कट (Cancer)1सावधानी
सिंह (Leo)12सावधानी
कन्या (Virgo)11शुभ
तुला (Libra)10सावधानी
वृश्चिक (Scorpio)9शुभ
धनु (Sagittarius)8सावधानी
मकर (Capricorn)7शुभ
कुम्भ (Aquarius)6सावधानी
मीन (Pisces)5शुभ

गुरु (बृहस्पति) की आगामी तारीखें

  • कर्कट (Cancer) से सिंह (Leo) में प्रवेश31 अक्टू॰ 2026
  • सिंह (Leo) से कर्कट (Cancer) में प्रवेश25 जन॰ 2027
  • कर्कट (Cancer) से सिंह (Leo) में प्रवेश26 जून 2027
  • ℞ सिंह (Leo) में वक्री13 दिस॰ 2026 – 13 अप्रैल 2027
  • ℞ कन्या (Virgo) में वक्री12 जन॰ 2028 – 13 मई 2028
  • ☉ सिंह (Leo) में अस्त16 अग॰ 2027 – 14 सित॰ 2027

गुरु (बृहस्पति) गोचर का अर्थ

गुरु (बृहस्पति) ज्ञान, गुरु, संतान, धन, धर्म और सौभाग्य का कारक है। स्त्री की कुंडली में इसे पति और विवाह के लिए भी देखा जाता है।

गुरु हर राशि में लगभग एक वर्ष रहता है और लगभग 12 वर्ष में पूरा राशिचक्र घूमता है। हर वर्ष यह लगभग चार महीने वक्री रहता है।

विवाह के समय के लिए गुरु का गोचर ध्यान से देखा जाता है। गुरु के अस्त रहने पर विवाह और अन्य बड़े मुहूर्त प्रायः तय नहीं किए जाते।

अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएं →

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु के वर्तमान गोचर से किन चंद्र राशियों को लाभ है?
चंद्र राशि से गिनने पर गुरु दूसरे, पाँचवें, सातवें, नौवें और ग्यारहवें भाव में शुभ माना जाता है। इस पेज की तालिका गुरु की वर्तमान स्थिति से हर चंद्र राशि के लिए यह बताती है।
इन स्थितियों के लिए कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
सभी स्थितियाँ लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश वाले निरयण राशिचक्र से, स्विस एफेमेरिस द्वारा गणना की जाती हैं, वही मानक जो आपकी जन्म कुंडली में उपयोग होता है।

अन्य ग्रहों का गोचर

अपनी कुंडली में गुरु (बृहस्पति) का गोचर देखें

अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएं और देखें कि यह गोचर आपके अपने चंद्र और लग्न से किस भाव में है, साथ में आपकी चल रही दशा भी।